What men think while going down on you? – आपके जननांगों की ओर रूख करते हुए पुरुषों द्वारा सोची जाने वाली बातें

एक स्त्री के निर्वस्त्र होने की प्रक्रिया के दौरान एक पुरुष का दिमाग काम करना बंद करने लगता है। इस समय उनके दिमाग में सिर्फ एक ख्याल आता है और वह आपके शरीर को छूने तथा महसूस करने का।

पर जब एक पुरुष एक स्त्री के जननांगों की ओर रुख करता है तो चीज़ें बदल जाती हैं। अचानक उसके पास एक लक्ष्य होता है और एक स्त्री को बिस्तर पर प्यार करने तथा आनंदित करने की विधियां और रणनीतियां उसके दिमाग में चलने लगती हैं। ऐसे क्षणों में पुरुषों के दिमाग में जो भी चलता है, उसकी झलकियाँ नीचे दी गयी हैं।

क्लिटोरिस खोज निकालने के समय का आनंद (I enjoy taking the time for clitorises)

एक पुरुष का गुप्तांग खोजने में आसान होता है, पर महिलाओं की क्लिटोरिस को खोज निकालना काफी मेहनत और धैर्य का काम होता है। यह ठीक उस वक्त की तरह है जब आप किसी दुकान में घंटों एक पुस्तक के लिए समय बिताते हैं और अचानक वह आपको मिल जाती है। उस समय जो आनंद प्राप्त होता है, उसकी महिलाओं को आनंदित करने में अहम भूमिका निभाने वाली क्लिटोरिस को खोज निकालने के क्षण से तुलना करना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

यह कोण पुरुषों को आनंदित करता है (This angle makes men happy)

पुरुष आमतौर पर एक महिला के स्तनों को ही उसके शरीर का सबसे आकर्षक भाग समझते हैं, पर जब हम और भी नीचे का रूख करते हैं तो हमें अहसास होता है कि हम गलत थे। उस समय मन में यही इच्छा होती है कि यह पल थम सा जाए और अगर हो सके तो हम अपनी साथी के शरीर के इस भाग का चित्र निकाल सकें।

उन हल्के बालों से होने वाली परेशानी (The trouble with those fine hair)

एक पुरुष महिलाओं को निचले भाग से भी आनंदित करना चाहता है, पर अगर उस महिला के जननांगों पर हल्के बाल हों तो ये काफी चुभने वाला अहसास देते हैं और संभोग के अहसास को खराब करते हैं। अतः महिलाओं से विनती है कि अगली बार जब उनकी संभोग की इच्छा हो तो नीचे के बाल कटवा लें या वैक्स (wax) करवा लें। अगर आप ये बाल कटवाना नहीं चाहती हैं तो कम से कम उन्हें इतना बढ़ाकर रखें कि वे चुभें नहीं।

संभोग में बराबरी की भागीदारी ज़रूरी (Equal participation in sexual intercourse necessary)

एक महिला के निचले भाग की ओर रुख करके उन्हें आनंदित करते हुए पुरुषों के मन में उस क्षण की तसवीरें घूमती रहती हैं जब वह महिला भी उसके गुप्तांग को इसी तरह आनंदित कर रही है।

महिलाओं के चरम आनंद को ना समझने की विवशता (Men do not understand the compulsion of extreme pleasure in women)

जब एक पुरुष चरम आनंद को प्राप्त करता है तो एक महिला को इस बारे में पता चल जाता है। सबसे पहले पुरुष अपनी आवाज़ से यह जगजाहिर करता है और उसके कुछ ही देर में आपको वीर्य के भी दर्शन होते हैं। पर जब बात एक महिला की हो रही हो तो कोई भी पुरुष पूरी तरह इस बात को नहीं मान पाता कि उन्होंने चरम आनंद प्राप्त किया है या नहीं।

स्त्री के अगले चरण में पहुँचने का अनुरोध करने का इंतजार (In the next step forward to reach the woman’s request)

एक पुरुष एक महिला के शरीर के निचले हिस्से में यह सोचकर अधिक समय बिताता है कि वह उसे चरम आनंद की प्राप्ति करवाएगा। अतः वह इस उम्मीद में होता है कि उसकी साथी उसे बताएगी कि नीचे का कार्य समाप्त हुआ है कि नहीं। पुरुष चाहता है कि यह ज़िम्मेदारी वह अच्छे से निभाए पर इसके लिए उसे स्त्री के साथ की आवश्यकता होती है।

69 की चाहत (69 The quest)

एक पुरुष को अपनी साथी के पैरों के बीच समय बिताने में कोई गुरेज नहीं होता है, पर इसी दौरान उसके मन में यह भी ख्याल होता है कि उसे भी थोडा सुख मिलना चाहिए। अतः पुरुषों के मन में यह चलता है कि अगर वे मेहनत कर रहे हैं तो एक महिला को भी उनके शरीर के साथ वही मेहनत करनी चाहिए। आखिर साथ काम करने से बोझ हल्का होता है।

जीभ में अकडन की स्थिति (In the case of tongue starchiness)

एक ही अंग का प्रयोग करते करते अकडन आ जाती है, अतः अन्य अंगों जैसे हाथ और जबड़े का प्रयोग करना भी ज़रूरी है। एक बार जीभ की अकडन ख़त्म होते ही सामान्य प्रक्रिया शुरू होगी।