Simple ways to protect your erection – अपने गुप्तांग को उत्तेजित बनाए रखने के आसान तरीके

ज़्यादातर पुरुष तब तक अपनी सेहत के प्रति ज़्यादा ध्यान नहीं देते, जब तक उनके शरीर का कोई महत्वपूर्ण अंग जवाब नहीं दे देता। पुरुषों के लिए वह अंग उनका गुप्तांग होता है।

ज्यादातर पुरुष इस बात को जानते हैं कि उनकी जीवनशैली से उनकी सेहत को काफी नुकसान पहुँच रहा है, लेकिन जब तक उनका काम जीवन प्रभावित नहीं होने लगता, तब तक वे इन चीज़ों पर ध्यान नहीं देते। सौभाग्य से आपके गुप्तांग के ठीक से काम करने के पीछे आपकी काफी बड़ी भूमिका होती है। नीचे 10 आसान नुस्खे दिए गए हैं जो आपके गुप्तांग की रक्षा करते हैं और गुप्तांग के उत्तेजित ना हो पाने की समस्या को दूर कर देते हैं।

बेकार दवाइयों को खाना बंद कर दें (Stop unusual medicines)

तनाव दूर करने वाली कई गोलियां, रक्तचाप की दवाई, नार्कोटिक (narcotic) दर्दनिवारक और एंटीहिस्टामाइंस (antihistamines) आपके गुप्तांग को उत्तेजित होने से रोक सकती हैं। दवाई की दुकानों से ली जाने वाली कई साधारण दवाइयां भी आपके गुप्तांग को उत्तेजित होने से रोकती है। इनमें मुख्य रूप से एलर्जी (allergy) और ठण्ड की गोलियां शामिल हैं।

गुप्तांग के उत्तेजित होने की प्रक्रिया सामान्य रूप से उत्तेजित होने से काफी अलग होती है और सुडाफेड (sudafed) एपिनेफ्रीन (epinephrine), जो कि उत्तेजित करने वाली दवाई है, की तरह ही काम करता है और आपकी काम शक्ति को क्षीण कर देता है।

किसी प्रकार के साइड इफेक्ट्स (side effects) के लिए दवाई पर लगी पर्ची अच्छे से पढ़ लें और सुडाफेड से मुक्त दवाइयों का प्रयोग करें। अगर किसी दवाई से आपके गुप्तांग के उत्तेजित होने में समस्या उत्पन्न हो रही है तो अपने डॉक्टर से किसी पूरक दवाई के बारे में जांच लें।

वज़न कम करने का प्रयास करें (Maintain weight)

पेट बड़ा होने से भी गुप्तांग को ख़तरा पहुँच सकता है। जिन पुरुषों की कमर का आकार 39 इंच या इससे ज़्यादा होता है, उन्हें गुप्तांग के उत्तेजित ना होने की समस्या होने की संभावना उन लोगों से दोगुनी मात्रा में होती है, जिनकी कमर का आकार 35 इंच से कम होता है।

कमर की चौड़ाई का ज़्यादा होना हानिकारक वसा की ओर इशारा करता है। यह हानिकारक वसा कम मात्रा के टेस्टोस्टेरोन (testosterone) और काफी ज़्यादा जलन से जड़ित होता है। ये दोनों कारक आपके गुप्तांग को काफी हानि पहुंचा सकते हैं।

धूम्रपान से परहेज करें (Quit smoking)

हर कोई जानता है कि धूम्रपान आपकी सेहत के लिए हानिकारक होता है, पर ज़्यादातर लोगों को यह नहीं पता होता है कि धूम्रपान करने और गुप्तांग के उत्तेजित होने के बीच सम्बन्ध है। धूम्रपान करने से आपके रक्त की धमनियों की रेखाओं को हानि पहुँचती है जिससे आपके गुप्तांग की नर्म मांसपेशियां प्रभावित होती हैं और रक्त को गुप्तांग में आने से रोकती है। असल में, एक शोध के अनुसार धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के गुप्तांग के उत्तेजित ना होने की संभावना धूम्रपान ना करने वाले व्यक्तियों के मुकाबले 51 प्रतिशत अधिक होती है। ऐसा देखा गया है कि धूम्रपान छोड़ने के 1 साल के अन्दर लोगों ने अपने गुप्तांग के उत्तेजित होने में अंतर महसूस किया। इसी समय के दौरान किसी धूम्रपान करने वाले शख्स ने यह नहीं कहा कि उनकी समस्या में कोई सुधार आया।

काम को दफ्तर तक ही सीमित रखें (No more office work at home)

काम से जुड़ा तनाव भी काम शक्ति को घटाने में काफी बड़ी भूमिका निभाता है। 40 से 50 वर्ष के ऐसे लोग हैं जो काफी कामयाब हैं, पर तनाव युक्त काम करने की वजह से उन्हें भी गुप्तांग के उत्तेजित ना होने की समस्या होती है। ऐसा होने का कारण यह है कि ऐसे कठिन काम करने वाले लोग दफ्तर से देर से निकलते हैं, जिसका अर्थ यह होता है कि उनकी बेचैनी हमेशा ही चरम सीमा पर होती है। इससे वे संभोग के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने में असफल होते हैं। इसके अलावा जब आप काम के प्रति पूरी तरह समर्पित होते हैं तो नींद और व्यायाम, जो गुप्तांग के अच्छे स्वास्थ्य से जुड़ी होती हैं, का महत्त्व आपके जीवन में कम हो जाता है।

अच्छी नींद लें (Sound sleep)

अच्छी नींद सोना काफी ज़रूरी है, क्योंकि कुछ रातों को भी चैन से ना सोने पर आपको गुप्तांग से जुड़ी समस्या हो सकती है। एक शोध से यह पता चला है कि 5 घंटे या उससे कम नींद लेने से कुछ ही दिनों के अन्दर स्वस्थ पुरुषों में भी टेस्टोस्टेरोन की मात्रा 10 प्रतिशत तक घट सकती है। नींद से मुक्त टेस्टोस्टेरोन प्रभावित होता है। यह वह भाग होता है जो प्रोटीन (protein) से जुड़ा नहीं होता और आपका शरीर इससे जो भी करवाना चाहता है, यह वही करता है। यह आपकी काम क्रिया से जुड़े सारे काम करता है।  इसके अलावा मस्तिष्क के वे होर्मोन्स (hormones) जिनका आपके गुप्तांग के उत्तेजित होने से सम्बन्ध है, जैसे डोपामाइन और सेरोटोनिन (dopamine and serotonin), भी नींद से ही नियंत्रित होते हैं। जवान लोगों में नींद का महत्त्व काफी ज़्यादा होता है, क्योंकि उनमें टेस्टोस्टेरोन की मात्रा का कम होना उनके गुप्तांग को उत्तेजित नहीं कर पाता। अतः उन चीज़ों से परहेज करें जो आपकी नींद में बाधा डाल रही हैं। वैसे तो 7 से 8 घंटे आदर्श रूप से सोना चाहिए, पर कम से कम 6 घंटे अवश्य सोयें।

दांतों को चमकाना ना भूलें (Health teeth)

एक शोध के अनुसार जिन पुरुषों में गुप्तांग के उत्तेजित न हो पाने की समस्या होती है, उनमें उन व्यक्तियों की तुलना में मसूड़ों की बीमारियाँ होने का अधिक ख़तरा होता है, जिन्हें गुप्तांग की कोई समस्या नहीं होती।  जितनी ज़्यादा मात्रा में यह समस्या होगी, उतनी ही आपकी गुप्तांग की बीमारी भी बढ़ेगी। एक अन्य शोध के मुताबिक़ हर 5 में से 4 पुरुषों, जिन्हें गुप्तांग उत्तेजित ना होने की समस्या है, उन्हें मसूड़ों की समस्या भी है।

जैसे जैसे आपके दांतों में सडन पैदा होती है, वैसे ही आपकी प्रतिरोधक प्रणाली आपके मुंह के अन्दर मौजूद पैथोजन्स (pathogens) पर हमला करते हैं। यह बैक्टीरिया (bacteria) फिर आपके रक्त में प्रवेश कर जाता है तथा रक्त की धमनियों को नष्ट करके रक्त का संचार बाधित कर देता है। अत अपने मसूड़ों को बचाने तथा गुप्तांग की समस्याओं को हल करने के लिए दिन में 2 बार दन्त साफ अवश्य करें।

शराब का सेवन कम करें (Cut down alcohol take out)

अमेरिका में हुए एक शोध के मुताबिक शराब पीने वाले पुरुषों को अपने गुप्तांग को उत्तेजित करने में उन लोगों से ज़्यादा परेशानी होती है जो शराब नहीं पीते। भले ही आपको इसका असर अभी पता नहीं चल रहा हो, पर भारी मात्रा में शराब पीने से आगे चलकर आपकी काम क्षमता पर काफी असर पड़ता है। इसके अलावा शराब तनाव को दूर करने की एक औषधि की तरह होती है, अतः इसके सेवन से ना सिर्फ आपके उत्तेजित होने की संभावना कम होती है, बल्कि आप थक भी जल्दी जाते हैं। सौभाग्य से इसका भी इलाज है। सिर्फ रात में अपनी पीने की आदत को कम करें। ज्यादातर संभोग से जुड़ी समस्याएँ भारी मात्रा में शराब पीने से जुड़ी हुई हैं, अतः 2 गिलास से ज़्यादा शराब ना पियें।

पसीना बहाएं (Hard workout)

व्यायाम गुप्तांग के उत्तेजित होने के लिए काफी ज़रूरी है, पर सिर्फ हल्की चहलकदमी से बात नहीं बनेगी। आपको काफी दम लगाकर व्यायाम करना पड़ेगा। ऐसा पाया गया है कि जब उच्च रक्त चाप और गुप्तांग की समस्याओं से ग्रसित लोगों ने 8 हफ्ते के कड़े व्यायाम के कार्यक्रम में हिस्सा लिया, तो उन्हें उन लोगों से कहीं ज़्यादा लाभ हुआ जिन्होंने व्यायाम नहीं किया था। शोधकर्ताओं का मानना है कि ऐसा व्यायाम करने से आपके शरीर में जलन की रेखाएं समाप्त हो जाती हैं, जिससे आपके शरीर के रक्त की धमनियां काफी अच्छे से काम करने लगती हैं।

अनैतिक सम्बन्ध ना बनाएं (Extra affairs)

जब आप अपनी साथी को धोखा देते हैं तो इससे बड़ी शर्म की बात आपके लिए कोई और हो नहीं सकती। आपको इससे मन ही मन उनके सामने शर्म आएगी जो कि धीरे धीरे बेचैनी में परिणत होगी और बेचैनी से आपके मस्तिष्क में ऐसे रासायनिक परिवर्तन होते हैं जो आपके गुप्तांग के उत्तेजित होने की क्षमता को काफी कम कर देते हैं। उच्च मात्रा में बेचैनी होने से आपकी तंत्रिका प्रणाली में सहानूभूति का भाव आ जाता है जिससे आप लम्बे समय तक या तो काफी चिडचिडे होते हैं या फिर बात करने में असफल रहते हैं। इस समय आप ठन्डे दिमाग से कुछ नहीं सोच सकते और इसलिए उत्तेजित होने का सवाल पैदा ही नहीं होता। बेचैनी से न्यूरोट्रांसमीटर्स (neurotransmitters) का संचार बंद हो जाता है जो गुप्तांग को उत्तेजित करने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं।

लैपटॉप को गोद में लेकर काम ना करें (Avoid laptopin your lap)

लैपटॉप से काफी मात्रा में ताप उत्पन्न होता है, और जो भी चीज़ अतिरिक्त रूप से आपके अंडकोष को ताप प्रदान करती है, वह आपके शुक्राणुओं और टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को घटा सकती है। अंडकोष के तंतु और होर्मोन्स ताप के परत काफी संवेदनशील होते हैं, जिसकी वजह से ये भाग शरीर के बाहर होता है। अपने गुप्तांग के ऊपर लैपटॉप रखकर चलाने से टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है, जिससे कि आपके गुप्तांग के उत्तेजित होने की काबिलियत भी प्रभावित होती है।