Increase penis size naturally – Penis enlargement methods and exercises – गुप्तांग का आकार बढ़ाने के तरीके और व्यायाम

पुरुषों की प्रजनन प्रणाली के अन्तर्गत गुप्तांग, अंडकोष, पुटिका तथा प्रोस्टेट (prostate) ग्रंथियां आती हैं। गुप्तांग शरीर का एक परतदार भाग होता है जो सम्भोग के लिए ज़रूरी कड़ेपन के लिए ज़िम्मेदार होता है।इसके बाहर मूत्रमार्ग होता है जो शरीर से मूत्र तथा वीर्य को बाहर निकालता है।

आमतौर पर सामान्य गुप्तांग की लंबाई 8.9 सेंटीमीटर होती है। कई शोधों से पता चला है कि आमतौर पर सामान्य गुप्तांग की लंबाई 9 से 10 सेंटीमीटर होती है।

सम्भोग के समय उत्तेजित होने की वजह से गुप्तांग की लंबाई तथा कड़ेपन में बदलाव आता है।इस तरह के गुप्तांग की सामान्य लंबाई 14 से 16 सेंटीमीटर होती है और चौड़ाई 12 से 13 सेंटीमीटर होती है।ये सारी नापतोल की प्रक्रिया एक शोध के तहत की गयी है जिसमें गुप्तांग को नापने के विभिन्न मापदंडों का इस्तेमाल किया गया है।

अगर एक वयस्क व्यक्ति के सम्भोग के दौरान की स्थिति के गुप्तांग की बात की जाए तो इसकी चौड़ाई करीब 8.9 से 9.9 सेन्टीमीटर्स की होती है।

आप अपने गुप्तांग का आकार बढ़ाने के लिए कई तरह के व्यायाम भी कर सकते हैं। इन व्यायामों से आपके गुप्तांग की लंबाई में शत प्रतिशत बढ़ोत्तरी की संभावना रहती है। पर आप ये परिणाम तभी प्राप्त कर सकते हैं जब आप ये व्यायाम कम से कम 6 महीनों तक हफ्ते में 5 बार करें।

व्यायाम शुरू करने के 2 से 3 हफ़्तों के बाद आपको अपने गुप्तांग के आकार में बढ़ोत्तरी दिखेगी। यह बढ़ोत्तरी सामान्य और सम्भोग के दौरान उत्तेजित दोनों तरह के गुप्तांग पर लागू होती है। यह बढ़ोत्तरी सामान्य गुप्तांग के मामले में 1 तथा सम्भोग के दौरान के गुप्तांग के मामले में 2 इंच तक हो सकती है। अगर आप गुप्तांग के आकार में बढ़ोत्तरी करने के व्यायाम करते हैं तो इससे 6 महीनों के अंदर ही आपको असर दिखने लगेगा।

इन व्यायामों को हर हफ्ते 5 दिन और कम से कम 1 घंटे तक करें और दो दिन आराम के लिए लें। ये दिन एक साथ या अलग अलग भी लिए जा सकते हैं। आराम का यह समय काफी ज़रूरी है क्योंकि इस समय आपकी कोशिकाओं की मरम्मत तथा पुनर्विकास होता है।

व्यायाम से गुप्तांग का आकार कैसे बढ़ाएं (How do exercises increase the penis size?)

गुप्तांग में परतदार कोशिकाओं के 3 खंड होते हैं जो उस रक्त को सोखते हैं जो संचार प्रणाली से गुप्तांग तक आता है। जैसे ही ये खंड रक्त से भरते हैं, इससे आपके गुप्तांग के आकार में वृद्धि होती है। जब आप निरंतर और सही रूप से व्यायाम करते हैं तो इससे गुप्तांग के खण्डों के आकार में काफी वृद्धि होती है। इसके बाद यह ज़्यादा मात्रा में रक्त सोखने में सक्षम होता है जिससे आपके गुप्तांग के आकार में वृद्धि होती है। इन व्यायामों को करने का मुख्य मकसद उन कोशिकाओं को खींचकर इनकी शक्ति में वृद्धि करना है, जो गुप्तांग के उभार और लंबाई के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। इस शक्ति में वृद्धि होने से कोशिकाओं की बढ़त में भी धीरे धीरे इज़ाफ़ा होता है।

गुप्तांग के आकार में बढ़ोत्तरी करने वाले उपायों से जुड़े कानूनी दिशा निर्देश (Legal notice relating to penis enlargement methods)

हर उस व्यक्ति को, जो कि अपने गुप्तांग के आकार में वृद्धि करना चाहता है, किसी मूत्रविज्ञानी (urologist) से इन व्यायामों के बारे में सलाह ले लेनी चाहिए, जिससे कि वे सुनिश्चित कर सकें कि इसका उनके स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। यह सलाह मधुमेह, लिवर सिरोसिस (liver cirrhosis), साँसों की बीमारी तथा अन्य ऐसी किसी बीमारी, जो गुप्तांग में रक्त और ऑक्सीजन (oxygen) के प्रवाह तथा कोशिकाओं के पुनर्विकास की प्रक्रिया को प्रभावित करती है, के मरीजों के लिए लेना काफी आवश्यक होता है। इन व्यायामों और इनसे जुड़े दिशा निर्देशों का पालन करने से अगर किसी प्रकार की चोट या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का आपको सामना करना पड़ा तो इसके लिए वह व्यक्ति स्वयं ही ज़िम्मेदार होगा।

गुप्तांग के आकार में बढ़ोत्तरी करने वाले उपायों से जुड़े लक्षण (Symptoms that must be taken into consideration during the penis enlargement exercises)

1. अपने गुप्तांग पर लंबे समय तक और काफी बेदर्दी से दबाव डालने के फलस्वरूप गुप्तांग पर बुलबुलों का उत्पादन।

2. बार बार गुप्तांग को खींचने के फलस्वरूप दर्द का रहना।

3. लंबे समय तक गुप्तांग पर किसी भारी वज़न का प्रयोग करने के फलस्वरूप सूजन। इससे गुप्तांग की नसें प्रभावित         होती हैं जिससे सूजन और जलन पैदा होती है। अगर यह सूजन बरकरार रही तो इससे गुप्तांग को काफी नुकसान         पहुँचता है, जिसके फलस्वरूप इसके उत्तेजित होकर सम्भोग के दौरान आकार बदलने की क्षमता काफी बुरी तरह         प्रभावित होती है।

अगर इनमें से कोई भी लक्षण आपको दिखे तो तुरंत व्यायाम करना बंद कर दें और तब तक दोबारा शुरू ना करें, जब तक कि ये समस्या पूरी तरह ठीक ना हो जाए।

गुप्तांग की बढ़ोत्तरी का व्यायाम करने से पहले आपको नीचे दी गयी बातों का ध्यान रखना पड़ेगा :-

1. व्यायाम के दौरान बालों को खिंचने से बचाने के लिए गुप्तांग के पास के बालों को काट लें।

2. स्वास्थ्यकर भोजन करें जो विटामिन (vitamin), प्रोटीन (protein) और खनिज पदार्थों से भरपूर हो, क्योंकि भोजन     का आपके गुप्तांग के व्यायाम पर काफी असर पड़ता है। इसके अलावा आपको रोजाना अच्छी खासी मात्रा में पानी का     भी सेवन करना चाहिए।

  1. व्यायाम शुरू करने से पहले आपके मूड (mood) का अच्छा होना काफी ज़रूरी है। अगर आपको ऐसा नहीं लगता कि इन व्यायामों से गुप्तांग का बड़ा होना मुमकिन है तो इससे इस प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और आपके गुप्तांग का बड़ा होना मुश्किल हो जाएगा।
  1. व्यायाम करने से पहले मोइस्चराइज़र (moisturizer) का प्रयोग अपने गुप्तांग पर करें। साबुन और शैम्पू (shampoo) का प्रयोग ना करें क्योंकि इन पदार्थों से गुप्तांग की त्वचा में लालपन और जलन कीसमस्या हो सकती है। अगर लम्बे समय से इसे लगाकर रखा गया तो रूखी और फटी त्वचा की समस्या पैदा हो जाती है। इस समय साधारण वेसलिन (vaseline) की बजाय इंटेंसिव केयर (intensive Care) वेसलिन का प्रयोग करें, क्योंकि यह लम्बे समय तक आपकी त्वचा पर रहती है और आपके गुप्तांग की त्वचा को नुकसान भी नहीं पहुंचाती है।
  1. गुप्तांग की बढ़ोत्तरी के व्यायामों को शुरू करने से पहले अपने गुप्तांग को एक बार नाप लें।

पहला कदम – संभोग के दौरान उत्तेजित गुप्तांग की लम्बाई नापें

  • खड़े होकर अपने खड़े गुप्तांग को शरीर की सीधाई में पकड़कर रखें। अब एक स्केल (scale) से गुप्तांग के नीचे से लेकर ऊपर तक की लम्बाई नाप लें।
  • आप गुप्तांग की सामान्य अवस्था की लम्बाई भी नाप सकते हैं।
  • सीधे खड़े हों जिसमें दायाँ घुटना बायें घुटने के बराबर होना चाहिए। अपने गुप्तांग को इसके सिर के भाग के नीचे की तरफ से पकड़ें और इसे सामने की तरफ लाएं। अब गुप्तांग के साथ स्केल लगाकर सिर तक इसकी लम्बाई नापें।

दूसरा कदम – खड़े गुप्तांग की चौड़ाई नापें

लम्बाई नापने की टेप (tape) की मदद से संभोग के दौरान उत्तेजित गुप्तांग की चौड़ाई उस जगह से नापें जो गुप्तांग के बीच का हिस्सा होता है। अगर नापने वाली टेप उपलब्ध नहीं है तो किसी धागे का प्रयोग करें। धागे के अंतिम सिरे में एक गाँठ बाँध दें। अब खड़े गुप्तांग के चारों तरफ धागे को लपेटें और इस गाँठ के समानांतर रूप से धागे को पकड़े रखें। अब इस धागे को स्केल पर रखें और इस दौरान धागे को पहले वाली जगह से ही पकड़े रखें तथा धागे की लम्बाई को पकड़ने की जगह से गाँठ लगने तक नापें। इससे आपको चौड़ाई का आभास हो जाएगा।

तीसरा कदम – सामान्य लम्बाई के गुप्तांग की लम्बाई नापें

  • आप इसे अपनी उँगलियों से नाप सकते हैं जिससे कि गुप्तांग की लम्बाई को 5 या 4 उँगलियों से नापा जा सके। आप सामान्य अवस्था में रहने वाले गुप्तांग की लम्बाई को स्केल को गुप्तांग पर रखकर नापें। इस दौरान स्केल का दूसरा सिरा पेट की तरफ रखें। गुप्तांग की लम्बाई को नींव से शुरू करते हुए सिर तक नापें।
  • पीठ के बल लेट जाएं और गुप्तांग की लम्बाई को नापने के लिए उँगलियों तथा स्केल की मदद से गुप्तांग की सबसे छोटी लम्बाई को नापें।

विटामिन और खनिज पदार्थ एवं संभोग की क्रिया पर इनका प्रभाव (Vitamins and minerals and their effect on sexual activity)

जब आप गुप्तांग में बढ़ोत्तरी के व्यायाम करते हैं तो आपको अपने रोजाना के भोजन में विटामिन, खनिज पदार्थ तथा जड़ीबूटियों को शामिल करना चाहिए, क्योंकि इससे आपके शरीर को काफी शक्ति मिलती है जिससे संभोग की काबिलियत में काफी बढ़ोत्तरी होती है।

विटामिन्स :-
  1. 2000 मिलीग्राम विटामिन सी दिन में 2 से 3 बार
  2. 30 मिलीग्राम जिंक (Zinc)
  3. 100 मिलीग्राम विटामिन ए (vitamin A)
  4. 200 मिलीग्राम मैग्नीशियम (magnesium)
  5. 100 मिलीग्राम विटामिन डी (vitamin D)
  6. 50 मिलीग्राम थियामिन (Thiamine)
संभोग की काबिलियत को बढ़ाने वाले खनिज पदार्थ :-
  1. 525 मिलीग्राम कैल्शियम (calcium)
  2. 200 माइक्रोग्राम विटामिन बी 12 (vitamin B12)
  3. 150 मिलीग्राम विटामिन इ (vitamin E)
  4. 25 माइक्रोग्राम पोटैशियम (potassium)
  5. 400 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड (folic acid)

आप इन विटामिन्स और खनिज पदार्थों को किसी भी दवाई की दुकान पर टेबलेट (tablet) के रूप में प्राप्त कर सकते हैं।

वीर्यस्त्राव के दौरान द्रव्य की मात्रा बढ़ाने के उपाय :-

रोजाना 1000 से 1500 मिलीग्राम एमिनो एसिड एल – आरजीनाइन (L – Arginine) लें। यह वीर्यस्त्राव के दौरान द्रव्य की मात्रा को बढ़ाता है तथा आपके गुप्तांग को उत्तेजित करने में भी मदद करता है। संभोग से 2 घंटे पहले इसकी 100 मिलीग्राम की मात्रा लें। 24 घंटों के अन्दर इसकी ज्यादा मात्रा लेने से परहेज करें। अगर आपको किसी तरह के साइड इफेक्ट्स (side effects) दिखते हैं तो तुरंत ये दवा बंद करें और दोबारा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ले लें।

गुप्तांग को बड़ा करने के व्यायाम (Exercise for penis enlargement)

1. गर्म कपड़े का व्यायाम

गुप्तांग की बढ़ोत्तरी के व्यायामों की शुरुआत करने से पहले यह प्रक्रिया काफी ज़रूरी है, क्योंकि यह गुप्तांग की कोशिकाओं में रक्त के संचार में वृद्धि करती है। इसके अलावा यह आपकी त्वचा को काफी लचीला बनाता है। इससे व्यायाम करना काफी आसान हो जाता है और चोट के आग धब्बे दूर हो जाते हैं। इसे निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है : –

  • गर्म पानी में एक तौलिया डुबोएं तथा इसे अपने गुप्तांग और अंडकोष के चारों तरफ लपेट लें। शुरू में आपको इससे परेशानी होगी पर फिर ये गर्माहट आपको अच्छी लगने लगेगी। इस तौलिये को 2 मिनट के लिए छोड़ दें और इस प्रक्रिया को 3 बार दोहराएं।
  • आप जकूज़ी या हॉट टब (jacuzzi or hot tub) जैसे माध्यमों से भी अपने गुप्तांग में गर्माहट ला सकते हैं। इनसे गुप्तांग की हल्की मालिश करें जिससे रक्त के संचार में काफी वृद्धि हो। 10 मिनट से ज़्यादा इनके अन्दर ना बिताएं।

2. गुप्तांग में बढ़ोत्तरी करने के लिए जेल्च (jelq) प्रक्रिया

अगर पुरुष इस प्रक्रिया की शुरुआत अपनी जवानी में करें और इसे व्यस्क होने तक चलाएं तो इससे आपका गुप्तांग 10 इंच तक लंबा और 7 इंच तक चौड़ा हो सकता है। इसके बाद यह प्रक्रिया आपको हफ्ते में एक बार ही करनी पड़ेगी।

यह प्रक्रिया कैसे काम करती है?

  • यह कॉर्पोरा कावेर्नोसा (corpora cavernosa) में रक्त के संचार में वृद्धि करती है जो शाफ़्ट (shaft) की कोशिकाओं में बढ़त करते हैं।
  • यह व्यायाम मांसपेशियों के फाइबर्स (fibers) को निकाल देता है और इससे ये मज़बूत तथा बड़े हो जाएंगे।
  • यह गुप्तांग में रक्त का संचार बढ़ाता है जिससे इसके आकार में बढ़ोत्तरी होती है।

आपको आए फर्क का कब पता चलेगा?

आपको 5 हफ़्तों के बाद अपने गुप्तांग के आकार में थोड़ा सा अंतर दिखना शुरू होगा, तथा 6 महीनों तक इसमें कोई ज़्यादा बड़ा परिवर्तन नहीं आएगा। एक साल के बाद आपको इसके आकार में 3 इंच का अंतर दिखेगा और इसकी उत्तेजक अवस्था में भी बढ़ोत्तरी होगी।

जेल्च प्रक्रिया करने के तरीके :-

अधिक फायदे के लिए निम्नलिखित तरीकों से यह प्रक्रिया प्रतिदिन की जा सकती है : –

  1. शुरुआत करने से पहले गर्म कपड़ों से अभ्यास कर लें।
  2. आधे उठे गुप्तांग को अपने अंगूठे और तर्जनी से पकड़ें। इन दोनों उँगलियों से o की आकृति बनाएं। इस तरह आप रक्त के संचार को रोक देंगे जिससे कोशिकाओं में ज़्यादा रक्त इकठ्ठा होगा।
  3. अपने हाथों को आगे ले जाकर गुप्तांग के शाफ़्ट में रक्त का संचार शुरू करें और इस तरह गुप्तांग की कोशिकाएं रक्त से भर जाएंगी।
  4. जब आप अपने दायें हाथ से गुप्तांग के सिरे तक पहुंचेंगे तो इसके निचले भाग को अपने बायें हाथ से पकड़ें और अपने दायें हाथ से की गयी प्रक्रिया को बायें हाथ से दोहराएं।

इस व्यायाम को 20 से 25 मिनट तक करना जारी रखें।

जेल्च प्रक्रिया सम्बन्धी टिप्पणियां :-

  • इस प्रक्रिया के माध्यम से गुप्तांग के सिरे पर हल्की खरोंचों और लाल निशानों का होना आम है। ये तुरंत गायब हो जाएंगे। इनसे बचने के लिए इस व्यायाम की शुरुआत धीरे धीरे करें और समय के साथ इसकी गति में वृद्धि करें।
  • फायदे को महसूस करने के लिए इस व्यायाम को आधे उत्तेजित गुप्तांग पर करें।
  • कोशिकाओं को सामान्य से ज़्यादा रक्त से भरने के लिए आपको रक्त को गुप्तांग के सिरे तक जितना हो सके पहुंचाने की कोशिश करनी होगी। रक्त के इस जमाव से गुप्तांग का रंग गाढ़ा लाल हो जाएगा जो कि सामान्य है।

इस प्रक्रिया के दौरान कितने दबाव का इस्तेमाल करना चाहिए?

इस प्रक्रिया में प्रयुक्त दबाव हर व्यक्ति की सहनशक्ति के हिसाब से अलग अलग होता है। उदाहरण के तौर पर अगर हम 1 से 10 तक का मापदंड बनाएं जिसमें 1 का अर्थ कोई दबाव नहीं और 10 का अर्थ असहनीय दबाव हो, तो इस प्रक्रिया के अंतर्गत दबाव 5 से 7 के बीच होना चाहिए।

अगर व्यायाम के दौरान गुप्तांग की आधी उठी अवस्था बरकरार न रह पायी तो क्या होगा?

आपको इस बात को याद रखना होगा कि अधिक फायदे के लिए गुप्तांग का आधी उत्तेजित अवस्था में होना ज़रूरी है। अगर आपने गुप्तांग की आधी उत्तेजित अवस्था खो दी है तो आपको कुछ भी करके उस स्थिति को वापस पैदा करना होगा।

अगर इस व्यायाम को करने की वजह से अतिरिक्त ढीली त्वचा की समस्या उत्पन्न हो गयी तो क्या होगा?

कुछ पुरुषों में यह स्थिति सामान्य होती है और इसे ठीक करने के लिए आप एक हाथ से ढीली त्वचा को पीछे करके रख सकते हैं तथा अन्य हाथ का प्रयोग इस प्रयोग इस प्रक्रिया के लिए कर सकते हैं। हर 25 जेल्च के बाद हाथ बदल लें।

आधी उत्तेजित अवस्था से क्या तात्पर्य है?

आधी उत्तेजित अवस्था के गुप्तांग में पूरे उत्तेजित गुप्तांग के मुकाबले तीन चौथाई रक्त होता है और इसका गुप्तांग के शाफ़्ट के रंग से अंदाजा लगाया जा सकता है जो कि गाढ़ा लाल या नीला होता है।

क्या संभोग के पहले या बाद में यह व्यायाम करना अच्छा होता है?

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप ये व्यायाम कब कर रहे हैं। अपने पास अतिरिक्त समय लेकर इस व्यायम को करने की चेष्टा करें।

इस प्रक्रिया से ज़्यादा से ज़्यादा लाभ कैसे उठाएं?

पहला हफ्ता

हर दिन 250 से 300 जेल्च करने से शुरुआत करें और इसे 100 से 125 PC फ्लेक्सेस ( PC flexes) के साथ मिश्रित करें।

दूसरा हफ्ता

रोजाना 200 से 224 PC फ्लेक्सेस के साथ जेल्च व्यायाम करें। याद रखें कि यह दर्दरहित होना चाहिए। अगर आपको किसी प्रकार का दर्द होता है तो तुरंत इसे रोक दें और डॉक्टर से संपर्क करें।

तीसरा हफ्ता

आधे घंटे तक 300 से 324 PC फ्लेक्सेस प्रतिदिन के हिसाब से जेल्च व्यायाम करें।

3. गुप्तांग का आकार बढ़ाने के लिए प्युबोकोसीजियस (Pubococcygeus (PC) Flex) व्यायाम

PC मांसपेशियों को प्युबोकोसीजियस मांसपेशियां कहते हैं और यह प्यूबिक (pubic) हड्डियों से कोसिक्स (coccyx) तक फैली होती है। यह मांसपेशी वीर्यस्त्राव और उत्तेजित गुप्तांग के लिए ज़िम्मेदार होती है और यह मूत्र की प्रक्रिया पर भी नियंत्रण रखती है।

इसका पता लगाने के लिए मूत्र विसर्जन करते करते बीच बीच में रोक दें। इससे मांसपेशियों में सिकुड़न उत्पन्न होगी और आपको अहसास होगा कि यह भाग अंडकोष के पीछे से  होता हुआ मलाशय तक गया है।

इस व्यायाम के फायदे
  1. यह आपको नपुंसकता से बचाता है।
  2. यह वीर्यस्त्राव को नियंत्रित करता है और समय से पहले एवं सही रूप से ना होने वाले वीर्यस्त्राव से आपको बचाता है।
  3. इससे आपका गुप्तांग और भी प्रभावी रूप से उत्तेजित अवस्था में जाता है।
  4. यह प्रोस्टेट ग्रंथियों की कार्यशीलता को बढ़ाता है।
  5. यह जीवन में बाद में आने वाली समस्याओं जैसे मूत्र निकास को रोकने पर नियंत्रण ना रहने से आपको सुरक्षित रखता है।
गुप्तांग का आकार बढ़ाने के लिए यह व्यायाम कैसे करें?

PC को पकड़ना

शुरुआत में ऊपर बताये गए तरीके से PC मांसपेशियों को खोज निकालें। इसके बाद आपको इसे कई बार दबाना और छोड़ना होगा। आप शुरुआत में दिन में इसे 40 बार कर सकते हैं। इसके बाद इसे दिन में जितनी बार हो सके करें जब तक कि आप इसे 250 से 400 बार नहीं करने लगते। इस व्यायाम की खासियत यह है कि आप इसे कहीं भी कर सकते हैं, चाहे वह आपका घर हो या दफ्तर और कोई आप पर ध्यान नहीं देगा।

PC दबाना और छोड़ना

शरीर को व्यायाम से पहले गर्मी प्रदान करें और इसके बाद बताये गए निर्देशों की तरह ही 10 PC फ्लेक्सेस करें। जब आप 10वें फ्लेक्स तक पहुंचें तो इसे 25 मिनट तक रोककर रखें। इसके बाद 1 मिनट के लिए आराम करें। इस पूरे व्यायाम को दिन में 5 बार करने की कोशिश करें।

PC के फायदे

यह व्यायाम वीर्यस्त्राव पर नियंत्रण रखने में आपकी मदद करता है। एक व्यक्ति इस मांसपेशी पर नियंत्रण रखने से वीर्यस्त्राव पर नियंत्रण हासिल कर सकता है। इस व्यायाम के अंतर्गत धीरे धीरे तब तक PC मांसपेशियों को दबाना पड़ता है, जब तक उच्च मात्रा में कसावट उत्पन्न ना हो जाए। इसे 10 स्कंद तक रोककर रखें और फिर इसे उल्टे तरीके से धीरे धीरे छोड़ दें।

PC से थकान

यह व्यायाम काफी कठिन तथा थकाने वाला है पर इससे काफी प्रभाव पड़ता है। आप सबसे पहले एक आरामदायक स्थान पर बैठें। इसके बाद 30 से 50 कठोर अकडनों के लिए खुद को तैयार कर लें। इसके बाद 10 सेकंड के लिए अपने गुप्तांग को कसकर पकड़कर रखें और इसके बाद 150 PC फ्लेक्सेस करें। जब आप आखिरी फ्लेक्स तक पहुंचें तो इसे जब तक संभव हो सके रोककर रखें। इसके बाद 3 मिनट के लिए विश्राम लें। इसके बाद 40 फ्लेक्सेस और करें।

4. गुप्तांग में बढ़ोत्तरी करने के लिए लम्बाई बढ़ाने का व्यायाम

  1. हलके अभ्यास से शुरुआत करें। इसके बाद आपको यह व्यायाम सामान्य अवस्था के गुप्तांग के साथ करना होगा। क्योंकि पहले से ही उत्तेजित गुप्तांग को और खींचना नामुमकिन है।
  1. हल्का दबाव देकर गुप्तांग के सिरे को पकड़कर रखें।
  1. अपने सामने की तरफ अपने गुप्तांग को निकालें और जितना हो सके खींचने की कोशिश करें। इसमें दबाव का अहसास करना सामान्य बात है, पर अगर आपको दर्द का अनुभव हो तो इसे रोककर दोबारा शुरू करें।
  1. इस खींचने वाली मुद्रा को 15 सेकंड तक रोककर रखें और इसे 5 बार करें।
  1. जब आपने ऊपर बताये गए दिशा निर्देशों का पालन कर लिया हो तो गुप्तांग को सहलाएं जिससे रक्त का संचार अच्छे से हो सके।
  1. आप ऊपर और नीचे दोनों ही दिशाओं में गुप्तांग को खींचकर यह व्यायाम कर सकते हैं।
  1. ऊपर बताये गए दिशा निर्देशों के अनुसार गुप्तांग के आसपास के हिस्से को खींचने के लिए पहले इसका सिरा पकड़ लें। इसके बाद इसे बायीं ओर खींचें और इस मुद्रा को 15 सेकंड के लिए बनाए रखें। इस प्रक्रिया को 5 बार दोहराएं तथा इसी चीज़ को दायीं तरफ करें।

इस व्यायाम से जुड़ी टिप्पणियाँ

  • अच्छे परिणामों के लिए इस व्यायाम को जेल्च व्यायाम के साथ करें।
  • इस व्यायाम के दौरान कोई चिकनाई युक्त उत्पाद इस्तेमाल ना करें, क्योंकि इसमें आपको कसकर अपने गुप्तांग को पकड़ना होता है जिसके लिए इसके सूखी अवस्था में होने की ज़रुरत होती है।
  • गुप्तांग को खींचने से पहले इसके सिरे को अवश्य पकड़ लें।

5. गुप्तांग के आकार को बढ़ाने के लिए बढ़त और संचार का व्यायाम

इस व्यायाम से आपके गुप्तांग में रक्त के संचार में बढ़ोत्तरी होती है और इससे यह उस आधी उत्तेजित अवस्था में आता है, जिसकी ज़रुरत अन्य व्यायामों में होती है।

अपने गुप्तांग को पकड़कर धीरे धीरे 30 बार इसपर हल्के हाथों से प्रहार करें इस समय इस बात को सुनिश्चित करें कि इस दौरान किसी प्रकार की चोट से अंडकोष को सुरक्षित रखने के लिए इसे दूसरे हाथ से ढक लें।

समय से पहले वीर्यस्त्राव (Premature Ejaculation)

यह काबू से बाहर होने वाला वीर्यस्त्राव है जो एक पुरुष की इच्छा के काफी पहले हो जाता है। इसके होने का समय संभोग की प्रक्रिया शुरू होने के कुछ ही क्षणों के बाद और कई बार पहले भी होता है, जिसके फलस्वरूप स्त्री और पुरुष दोनों इस प्रक्रिया से असंतुष्ट होते हैं।

समय से पहले वीर्यस्त्राव से कैसे बचें?

  1. उस क्षण का पता लगायें जहां से आपका वीर्यस्त्राव होना तय है। आप इसका पता लगाने के लिए 1 से 10 नामक एक व्यायाम कर सकते हैं, जिसके अंतर्गत 1 अंक का पर्याय उत्तेजक अवस्था की शुरुआत से तथा 10 अंक का अर्थ चरम आनंद और वीर्यस्त्राव है। अतः 9 का अंक उस क्षण से जुड़ा है जो ठीक वीर्यस्त्राव से पहले आता है और यही वह क्षण है जिसके बाद आप द्रव्य का निकलना रोक नहीं पाते। जब आप हस्तमैथुन करते हुए 8 के अंक तक पहुंचें तो यहाँ रुक जाएं और वीर्यस्त्राव का अहसास बंद हो जाने के बाद दोबारा शुरू करें। इसे कई बार दोहराएं। इस तरह कई बार इस प्रक्रिया को दोहराने के बाद 15 मिनट पश्चात आप अपना वीर्य निकाल सकते हैं।
  2. आप PC व्यायाम करके भी समय से पहले वीर्य के निकलने को रोक सकते हैं।
  3. लॉकिंग (locking) का तरीका :

संभोग का आनंद लेते हुए अगर आप ज़्यादा ही उत्टित हो जाते हैं तो सिर्फ अपने गुप्तांग के सिरे को अपनी साथी के जननांग में छोड़ते हुए बाकी का भाग निकाल लें और 30 सेकंड तक प्रतीक्षा करें। इतनी देर में वीर्य के निकलने की सम्भावना समाप्त हो जाएगी। इसके बाद दोबारा उसी जगह से शुरुआत करें जहां से आपने इसे छोड़ा था।

लम्बे समय तक गुप्तांग को उत्तेजक अवस्था में बनाए रखने के उपाय (Important tips to achieve a hard erection)

  1. खानपान : कम वसा और उच्च फाइबर वाले भोजन का सेवन करें। ऐसा पाया गया है कि रक्त में कोलेस्ट्रोल (cholestrol) की मात्रा ज़्यादा होने से गुप्तांग में खून की धमनियां बंद हो जाती हैं, जिससे नपुंसकता का खतरा पैदा होता है। आपके भोजन में थोड़ा सा जिंक (zinc) होना चाहिए जो आपको टर्की, सीरियल, लेम्ब, लीन बीफ, केकड़े के मांस और ओएस्टर्स (turkey, cereal, lamb, lean beef, crabmeat and oysters) से प्राप्त होगा।
  1. धूम्रपान करना छोड़ दें।
  2. काफी मात्रा में व्यायाम करें।
  3. बार बार गुप्तांग के उत्तेजित अवस्था में पहुँचने से गुप्तांगों की मांसपेशियों की कोशिकाओं में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन (oxygen) जाता रहता है।
  4. अपनी तर्जनी ऊँगली को अपने गुप्तांग के निचले हिस्से में रखें और अपने अंगूठे को इसके ऊपरी हिस्से की जड़ में। एक लम्बी सांस लें और गुप्तांग के शाफ़्ट को इसके सिरे की तरफ मोड़कर दबाएँ। इससे गुप्तांग के सिरे में ज़्यादा रक्त संचारित होगा। इस व्यायाम को दिन में 9 बार करें।

गुप्तांग में बढ़ोत्तरी करने वाले व्यायाम से जुड़े कुछ सामान्य प्रश्न

  1. ये व्यायाम कब करने चाहिए?

कुछ लोग इसे दिन में और कुछ लोग इसे रात में सोने से पहले करना पसंद करते हैं। इसे करने का कोई निश्चित समय नहीं होता और ये कभी भी किये जा सकते हैं।

  1. क्या इस व्यायाम के पहले वीर्यस्त्राव करना पड़ेगा, या यह व्यायाम के दौरान या इसके बाद भी किया जा सकता है?

आप इस व्यायाम को करने से कुछ घंटे पहले से ही वीर्यस्त्राव नहीं कर सकते और इस व्यायाम के पूरे होने के कुछ घंटों के भीतर भी वीर्य के निकलने की प्रक्रिया का ना होना ही अच्छा है। वीर्यस्त्राव के समय शरीर में कई तरह के रासायनिक परिवर्तन होते हैं, जैसे टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन (testosterone hormone) के स्तर में गिरावट आना और इसके अलावा शरीर से जुड़ी सारी कोशिकाओं में भी कसावट आ जाती है।

3. क्या जेल्च व्यायाम के दौरान होने वाली पीड़ा सामान्य है?

इस व्यायाम के दौरान हल्की परेशानी होना सामान्य है, पर अगर आपको काफी तेज़ और तीव्र दर्द होता है या फिर आपके गुप्तांग पर छाले हो जाते हैं तो इनके ठीक होने तक आपको इन व्यायामों को कुछ दिनों के लिए रोक देना चाहिए। इनसे बचने के लिए हमेशा व्यायाम करने से पहले शरीर को इसके लिए तैयार कर लें।

4. गुप्तांग के आकार में बढ़त दिखना कब शुरू होगा?

अगर आप अच्छे से व्यायाम करते हैं तो आपको अमूमन गुप्तांग के आकार में वृद्धि देखने में व्यायाम करना शुरू करने के बाद 2 से 3 हफ्ते लगते हैं।

  1. अगर जेल्च व्यायाम के दौरान गुप्तांग उत्तेजित हो जाए तो मुझे क्या करना चाहिए?

अगर ऐसा हो तो तुरंत व्यायाम करना बंद कर दें क्योंकि इससे आपको चोट भी लग सकती है। इसके सामान्य होने की प्रतीक्षा करें।

  1. क्या रोजाना 2 बार व्यायाम कर सकता हूँ?

ऐसा करना सही नहीं होगा। शरीर की कोशिकाओं को अपने आप को ठीक करने के लिए 48 घंटे का समय देना पड़ता है और यह कोशिकाओं के ऊपर भी निर्भर करता है। मांसपेशियों की कोशिकाओं को ठीक होने में नसों की कोशिकाओं के मुकाबले कम समय लगता है। अगर आप इन व्यायामों को दिन में 2 बार करेंगे तो गुप्तांगों की कोशिकाओं को उबरने का पूरा समय नहीं मिल पाएगा। अगर इसे सही तरह से ना किया गया या फिर बार बार किया गया तो आपको ही नुकसान भुगतना पड़ेगा।

  1. कब तक ये व्यायाम कर सकता हूँ?

आप चाहें तो अपनी सारी ज़िन्दगी ये व्यायाम कर सकते हैं। आपको हर साल आधे इंच की बढ़त देखने को मिलेगी।

  1. क्या इन व्यायामों को हफ्ते के सातों दिन किया जा सकता है?

नहीं। आपको हफ्ते में कम से कम 2 दिन अपने गुप्तांग को आराम देना पड़ेगा, क्योंकि यह समय कोशिकाओं की मरम्मत के लिए काफी ज़रूरी है।

  1. अगर सारे व्यायाम एक समय पर ना कर पाऊं तो क्या मैं इन्हें सारे दिन के अलग अलग समयों में बाँट सकता हूँ ?

जी हाँ बिल्कुल।