Scary things that happen to your penis when you age – उम्र बढ़ने के साथ आपके गुप्तांग के साथ होने वाली समस्याएं

आप भले ही कितने ही स्वस्थ और कार्यशील क्यों ना हों, पर इसका यह मतलब कतई नहीं है कि उम्र बढ़ने के साथ आपके गुप्तांग में नीचे दी हुई समस्याएं पैदा नहीं होंगी। ये वो समस्याएं हैं, जो निश्चित रूप से आपके गुप्तांग पर बढ़ती उम्र में हमला करेंगी। उन्हीं समस्याओं के बारे में बताया गया है।

लिंग का ढीला पड़ना (Penis thawing)

यह एक जाना माना तथ्य है कि उम्र बढ़ने के साथ ही आपका लिंग और अंडकोष ढीला पड़ने लगता है। यह एक ऐसी समस्या है जिसका होना निश्चित है और इसे रोकना काफी मुश्किल होता है। ऐसा होने का मुख्य कारण लिंग की मांसपेशियों के भार में कमी आना। ऐसी स्थिति में आपका अंडकोष अत्याधिक ढीला हो जाता है और आपको इसकी वजह से काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। पर आप स्क्रोटोप्लास्टी (scrotoplasty) नामक एक प्रक्रिया के माध्यम से इस समस्या के इलाज का प्रयास कर सकते हैं। काफी लोगों ने इसका लाभ उठाया है और इस प्रक्रिया की तारीफ़ भी की है।

गुप्तांग का स्थायी रूप से सिकुड़ जाना (Genitals to shrink permanently)

जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, वैसे ही आपके लिंग का आकार भी क्रमशः छोटा होता जाता है। उम्र बढ़ने के साथ सामान्य कोशिकाओं, जो कि जवानी के दिनों में स्वस्थ और कार्यशील होती हैं, की जगह लोच से रहित फाइबर्स (fibers) ले लेते हैं जिन्हें कोलेजन (collagen) कहते हैं। इससे लिंग के आकार और इसकी कार्यशीलता काफी मात्रा में प्रभावित होती है। अगर आपका पेट भी उम्र के साथ बढ़ता जाए तो इससे भी लिंग के सिकुड़ने की समस्या उत्पन्न होती है। जैसे जैसे आपका पेट बड़ा होता जाता है, वैसे वैसे अतिरिक्त चमड़ी बाहर आती जाती है और आपके गुप्तांग का एक बड़ा  भाग इस चर्बीयुक्त त्वचा से ढक जाता है। अतः हिसाब काफी आसान है -जितना आपका वज़न बढ़ेगा, उतनी ही आपके गुप्तांग की लंबाई छोटी होती जाएगी। इसका एक ही उपाय है कि अतिरिक्त चर्बी को व्यायाम करके घटाया जाए। अगर आप 15 किलो तक अपना वज़न कम कर पाए तो आपके गुप्तांग की लंबाई करीब 1.5 इंच तक बढ़ जाएगी।

लिंग का टेढ़ा होना (Penis curvature)

आपके जीवन के आखिरी वर्षों में आपका लिंग टेढ़ा होने लगता है। सारा जीवन खेलकूद तथा काम क्रियाओं के फलस्वरूप घाव के दाग की कोशिकाएं आपके गुप्तांग पर जमती रहती हैं। सबसे भयावह बात यह है कि घाव की ये कोशिकाएं एक रेखा में नहीं बनती, बल्कि टेढ़ी मेढ़ी बनती हैं।

60 और 70 की उम्र तक आते आते ये समस्या और भी गंभीर हो जाती हैं। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे भी कई मरीज़ होते हैं जिनके गुप्तांग अजीबोगरीब  रूप से टेढ़े होते हैं। प्रश्नसूचक चिन्ह के आकार के इन गुप्तांगों के लिए भी इलाज मौजूद है। आजकल कई ऐसी खाने वाली दवाइयां आ गयी हैं जो आपके गुप्तांग को टेढ़ा बनाकर रखने वाली दाग की कोशिकाओं के प्लाक (plaque) को हटा देती हैं। आप इस समस्या को दूर करने के लिए बोटूलीनियम टोक्सिन (botulinum toxin) का प्रयोग कर सकते हैं। असल में ये बोटॉक्स (botox) की सुइयां होती हैं जो गुप्तांग में लगाईं जाती हैं।

लिंग के उत्तेजित होने में परेशानी (Trouble excited penis)

करीब 3 करोड़ लोग गुप्तांग के उत्तेजित ना होने की समस्या के शिकार होते हैं और इसके पीछे रक्त की कमी की समस्या ज़िम्मेदार होती है। लिंग का उत्तेजित ना होना दिल का दौरा पड़ने की समस्या की तरह की ही घातक होता है, और इसे ठीक करने का उपचार भी वही होता है जो आप किसी दिल के मरीज़ के लिए प्रस्तावित करते हैं। खानपान अच्छा रखें और व्यायाम करें। इनपर नियंत्रण प्राप्त कर लेने से आप स्वस्थ रहेंगे। इस समस्या से निपटने का आर्थिक बाज़ार काफी बड़ा है और इसके उपचार की गोलियों से लेकर रक्त का संचार बढ़ाने की सुइयां भी बाज़ार में उपलब्ध हैं। गुप्तांग की शल्य चिकित्सा के द्वारा भी एक पुरुष के गुप्तांग को बिना किसी दवाई की मदद के उत्तेजित किया जा सकता है। पर अगर आप खुद का अच्छे से ख्याल रख सकें तो आप इन सारी चिकित्साओं से बच सकते हैं।

कैंसर (cancer) का ख़तरा (The risk of cancer)

ज़्यादातर पुरुषों को प्रोस्टेट (prostate) एवं अंडकोष के कैंसर के खतरों के बारे में पता होता है और उम्र बढ़ने के साथ साथ आपको इनके लक्षणों पर ध्यान देते रहना चाहिए। इसके अलावा गुप्तांग की त्वचा पर भी कैंसर होने का ख़तरा बना रहता है, खासकर तब जब आप बिना कपड़ों के रहना ज़्यादा पसंद करते हैं, या फिर काफी ज़्यादा मात्रा में टैनिंग (tanning) की जगहों पर जाना पसंद करते हैं। इसके अलावा जो लोग अपने लिंग तथा इसके आसपास के भाग को साफ़ सुथरा नहीं रखते, उनके ऊपर भी त्वचा के कैंसर का ख़तरा मंडराता रहता है।

अगर समस्या कुछ ज़्यादा ही गंभीर हो जाती है तो कई बार आपके गुप्तांग को काटकर अलग भी करना पड़ सकता है। सामान्य स्थितियों में उम्र बढ़ने के साथ साथ  टेस्टोस्टेरोन (testosterone) के स्तर में भी कमी आती है। इससे आपके गुप्तांग का आकार थोड़ा थोड़ा करके बराबर छोटा होता रहता है।